भारत में 2026 के नए स्कैम: धोखेबाज़ों की 9 चालाक चालें जो अभी चल रही हैं (और कैसे बचें)

भारत में 2026 के नए स्कैम: धोखेबाज़ों की 9 चालाक चालें जो अभी चल रही हैं (और कैसे बचें)

2026 के स्कैम स्कैम जैसे नहीं दिखते। वे किसी रिश्तेदार के शादी के निमंत्रण जैसे, नई योजना की घोषणा करते प्रधानमंत्री के वीडियो जैसे, वीडियो कॉल पर पुलिस अधिकारी जैसे, या खुश निवेशकों से भरे व्हाट्सऐप ग्रुप जैसे दिखते हैं। धोखेबाज़ अब AI, लीक हुआ निजी डेटा और बहुत अच्छी एक्टिंग इस्तेमाल करते हैं। अप्रैल 2026 से मैंने सबसे ज़्यादा जो नौ चालें देखी हैं, वे यहाँ हैं। हर चाल कैसे काम करती है और कौन सी आसान आदतें उसे रोकती हैं, यह नीचे बताया गया है।

संक्षेप में: व्हाट्सऐप या SMS पर आई ऐप फ़ाइल (APK) कभी इंस्टॉल न करें। पैसे पाने के लिए कभी अपना UPI PIN न डालें। कोई पुलिस अधिकारी, कोर्ट, बैंक या RBI अधिकारी वीडियो कॉल पर आपको "गिरफ़्तार" नहीं करता, न ही "वेरिफ़िकेशन" के लिए पैसे भेजने को कहता है। अगर ठगी हो जाए, तो पहले एक घंटे में 1930 पर कॉल करें।

1. शादी का निमंत्रण जो आपका खाता खाली कर दे

अक्सर किसी जानी-पहचानी नंबर से व्हाट्सऐप मैसेज आता है: "हमारी शादी में ज़रूर आइए, निमंत्रण साथ में है।" फ़ाइल का नाम कार्ड जैसा होता है, पर वह असल में एक एंड्रॉयड ऐप (.apk फ़ाइल) होती है। इंस्टॉल होते ही वह परमिशन माँगती है, आपके SMS और OTP पढ़ती है, और चुपचाप UPI से पैसे भेज देती है। फिर वही "निमंत्रण" आपके सभी कॉन्टैक्ट्स को भेज देती है। बेंगलुरु, हैदराबाद और महाराष्ट्र में पुलिस ने इस साल ऐसे मामले दर्ज किए हैं, और एक मामले में दस मिनट से कम में लगभग ₹5 लाख निकाल लिए गए।

  • कैसे बचें: असली निमंत्रण PDF, फ़ोटो या वीडियो के रूप में आते हैं। .apk पर खत्म होने वाली फ़ाइल कभी न खोलें, चाहे रिश्तेदार ने ही भेजी हो।
  • अपने फ़ोन की सेटिंग में "Install unknown apps" बंद रखें।
  • अगर इंस्टॉल कर चुके हैं: मोबाइल डेटा बंद करें, UPI और कार्ड ब्लॉक कराने के लिए बैंक को कॉल करें, ऐप हटाएँ और फ़ोन रीसेट करें।

2. डीपफ़ेक "सरकारी योजना" विज्ञापन

अक्टूबर 2026 में भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (I4C) ने फ़ेसबुक और इंस्टाग्राम पर नकली विज्ञापनों के बारे में चेतावनी दी। इनमें AI से बने वीडियो होते हैं जिनमें प्रधानमंत्री, वित्त मंत्री और मुख्यमंत्री नकद सहायता या सस्ते लोन की घोषणा करते दिखते हैं। जवाब देने वालों से पहले "प्रोसेसिंग फ़ीस" या "टैक्स" माँगा जाता है, या "इनाम पाने" के लिए UPI PIN माँगने वाला स्क्रैच कार्ड भेजा जाता है। कुछ लोगों को विदेशी नंबरों से कॉल आए।

  • कैसे बचें: असली योजनाएँ आधिकारिक .gov.in वेबसाइटों पर घोषित होती हैं, फ़ोन नंबर वाले विज्ञापनों में नहीं।
  • सरकारी लाभ पाने के लिए आपको कभी फ़ीस नहीं देनी पड़ती।
  • आपका UPI PIN सिर्फ़ भुगतान करने के लिए है। आपको पैसे भेजने के लिए इसे माँगने वाला धोखेबाज़ है।

3. डिजिटल अरेस्ट 2.0: नकली पुलिस, नकली अदालत

जागरूकता बढ़ने से "डिजिटल अरेस्ट" की शिकायतें तेज़ी से घटी हैं: 2024 में लगभग 1.23 लाख, 2025 में 58,249 और जून 2026 तक 16,377 (I4C के आँकड़े)। पर बचे हुए मामले बड़े हैं। धोखेबाज़ अब वीडियो पर जज बने लोगों के साथ नकली अदालती सुनवाई करते हैं, नकली वारंट और वर्दी दिखाते हैं, लीक डेटा से आपका आधार और पता बताते हैं, और पीड़ितों को कई दिनों तक कैमरे पर "गिरफ़्तार" रखते हैं। रिटायर लोग और डॉक्टर इस तरह करोड़ों गँवा चुके हैं।

  • कैसे बचें: भारतीय कानून में डिजिटल अरेस्ट जैसी कोई चीज़ नहीं है। पुलिस किसी को वीडियो कॉल पर गिरफ़्तार नहीं करती।
  • कोई भी एजेंसी "वेरिफ़िकेशन" या "RBI सेफ़" खाते में पैसे भेजने को नहीं कहती।
  • फ़ोन काटें, तुरंत परिवार के किसी सदस्य को बताएँ, और 1930 पर कॉल करें। धोखेबाज़ इसी पर टिके होते हैं कि आप अकेले और चुप रहें।

4. व्हाट्सऐप स्टॉक-टिप ग्रुप और नकली ट्रेडिंग ऐप

आपको एक व्हाट्सऐप ग्रुप में जोड़ा जाता है जो किसी जाने-माने बैंक या ब्रोकरेज का नाम इस्तेमाल करता है। "एक्सपर्ट" टिप्स देते हैं और सदस्य बड़े मुनाफ़े के स्क्रीनशॉट डालते हैं। आपसे एक ट्रेडिंग ऐप इंस्टॉल करवाया जाता है, जिसमें आपका पैसा तेज़ी से बढ़ता दिखता है। निकालने की कोशिश करने पर पहले 20% "टैक्स" या "फ़ीस" माँगी जाती है, फिर जवाब मिलना बंद हो जाता है। जून 2026 में पुणे के एक सॉफ़्टवेयर प्रोफ़ेशनल ने इसी तरह 34 ट्रांसफ़र में ₹4.43 करोड़ गँवाए।

  • कैसे बचें: असली ब्रोकर कभी किसी व्यक्ति या कंपनी के बैंक खाते में पैसे भेजने को नहीं कहते। आप सिर्फ़ अपने ट्रेडिंग खाते में ही पैसा डालते हैं।
  • ट्रेडिंग ऐप सिर्फ़ आधिकारिक ऐप स्टोर से इंस्टॉल करें, और ब्रोकर को SEBI की वेबसाइट पर जाँचें।
  • अगर पहले पैसे दिए बिना आप अपना ही पैसा नहीं निकाल सकते, तो यह स्कैम है। पैसे देना बंद करें।

5. नौकरियाँ जो आपको मनी म्यूल बना देती हैं

"वर्क फ़्रॉम होम" या विदेश की नौकरी का ऑफ़र इंटरव्यू और ऑफ़र लेटर के साथ असली लगता है। फिर आपसे नया बैंक खाता खुलवाया जाता है, या "सैलरी प्रोसेसिंग" के नाम पर पासबुक, डेबिट कार्ड और SIM माँगे जाते हैं। इन खातों से चोरी का पैसा घुमाया जाता है। जब पुलिस पैसे का पता लगाती है, तो केस खाताधारक पर बनता है और खाता फ़्रीज़ हो जाता है।

  • कैसे बचें: किसी असली नियोक्ता को आपका डेबिट कार्ड, पासबुक, नेट बैंकिंग लॉगिन या SIM नहीं चाहिए।
  • कमीशन के लिए भी किसी को अपना खाता इस्तेमाल न करने दें। क्यों, यह मेरी पोस्ट म्यूल खाते में पढ़ें।

6. ऑफ़िस में "बॉस" का मैसेज

ऑफ़िस कर्मचारियों को उनके "MD" या "मैनेजर" के सही नाम और फ़ोटो के साथ व्हाट्सऐप मैसेज आता है कि किसी वेंडर को तुरंत भुगतान करें। कुछ मामलों में बैंक स्टेटमेंट या रेगुलेटर के पत्र जैसी दिखने वाली फ़ाइल व्यक्ति का व्हाट्सऐप वेब अपने कब्ज़े में ले लेती है, और फिर धोखेबाज़ असली अकाउंट से सहकर्मियों को मैसेज करता है।

  • कैसे बचें: किसी भी भुगतान के अनुरोध की पुष्टि उस व्यक्ति को पहले से पता नंबर पर कॉल करके करें।
  • व्हाट्सऐप में टू-स्टेप वेरिफ़िकेशन चालू करें, और "Linked devices" में अनजान कंप्यूटर तो नहीं, यह देखें।

7. "Accessibility" परमिशन माँगने वाले ऐप

सोशल मीडिया विज्ञापन Play Store के बाहर से "ऐप अपडेट", मुफ़्त फ़िल्म ऐप या एडल्ट ऐप इंस्टॉल करवाते हैं। इंस्टॉल होते ही वे Accessibility परमिशन माँगते हैं, जिससे ऐप आपकी स्क्रीन पढ़ सकता है और आपकी जगह बटन दबा सकता है। इससे वह आपके सोते समय बैंकिंग ऐप खोलकर भुगतान मंज़ूर कर सकता है।

  • कैसे बचें: ऐप सिर्फ़ Play Store या App Store से इंस्टॉल करें, और Play Protect चालू रखें।
  • जब तक ठीक से पता न हो कि किसी ऐप को इसकी ज़रूरत क्यों है, उसे Accessibility परमिशन न दें।

8. "कॉल मर्ज कर दीजिए": OTP की चाल

कॉल करने वाला कहता है कि किसी दोस्त ने आपका नंबर दिया है और दूसरी कॉल मर्ज करने को कहता है। वह दूसरी कॉल असल में आपके बैंक की ऑटोमेटेड OTP कॉल होती है, जिसे धोखेबाज़ ने ही शुरू करवाया है। मर्ज करते ही वे आपका OTP सुन लेते हैं और उससे आपका खाता कब्ज़े में लेते हैं या भुगतान मंज़ूर कर देते हैं। NPCI ने इस चाल के बारे में चेतावनी दी है।

  • कैसे बचें: अनजान नंबरों के साथ कभी कॉल मर्ज न करें, और किसी को OTP कॉल सुनने न दें।

9. "गलती से आपको पैसे भेज दिए"

कॉल या SMS आता है कि गलती से आपको पैसे भेज दिए गए, कभी नकली क्रेडिट SMS के साथ, कभी असली छोटी रकम के साथ। कॉल करने वाला लौटाने की मिन्नत करता है और UPI "कलेक्ट" रिक्वेस्ट या QR कोड भेजता है। PIN डालते ही आपका पैसा उनके पास चला जाता है, अक्सर बताई गई रकम से कहीं ज़्यादा।

  • कैसे बचें: अपना बैलेंस SMS से नहीं, बैंक ऐप में देखें।
  • अगर किसी ने सच में गलती से पैसे भेजे हैं, तो उन्हें अपने बैंक से शिकायत करने को कहें। गलत ट्रांसफ़र बैंक संभालते हैं।

हर स्कैम के पीछे की 5 चालें

कहानियाँ हर कुछ महीनों में बदलती हैं, पर मनोविज्ञान नहीं बदलता। लगभग हर स्कैम इनमें से कम से कम दो का इस्तेमाल करता है:

  • जल्दबाज़ी: "10 मिनट में करें, वरना आपका खाता ब्लॉक हो जाएगा।"
  • अधिकार और डर: पुलिस, CBI, RBI, TRAI, कस्टम, कोर्ट या आपका बॉस।
  • लालच या इनाम: नकद योजना, रिफ़ंड, इनाम, दोगुना मुनाफ़ा।
  • गोपनीयता: "परिवार या बैंक को मत बताइए। यह गोपनीय है।"
  • आपके फ़ोन पर कब्ज़ा: यह ऐप इंस्टॉल करें, स्क्रीन शेयर करें, यह कॉल मर्ज करें।

अगर एक ही कॉल या मैसेज में इनमें से दो दिखें, तो रुक जाइए। फ़ोन रखिए और किसी भरोसेमंद व्यक्ति से बात कीजिए।

आसान आदतें जो इनमें से ज़्यादातर को रोकती हैं

  • ऐप सिर्फ़ आधिकारिक स्टोर से इंस्टॉल करें, और "Install unknown apps" बंद रखें।
  • व्हाट्सऐप में टू-स्टेप वेरिफ़िकेशन चालू करें।
  • रोज़ के UPI के लिए कम बैलेंस वाला एक अलग बैंक खाता रखें, और ऐप में रोज़ की UPI सीमा कम रखें।
  • हर लेन-देन के लिए SMS और ईमेल अलर्ट चालू रखें।
  • धोखाधड़ी वाली कॉल और मैसेज की शिकायत सरकार के संचार साथी पोर्टल (Chakshu) पर करें।
  • इन चालों के बारे में अपने माता-पिता और बुज़ुर्ग रिश्तेदारों से बात करें। वही मुख्य निशाना होते हैं।
  • किसी मैसेज पर शक है? उसे मेरे मुफ़्त Scam Message Checker में डालें, या Scam or Not गेम से ख़ुद को परखें।

ठगी हो चुकी है? पहला घंटा सबसे अहम है

  • तुरंत 1930 पर कॉल करें या cybercrime.gov.in पर शिकायत करें। जल्दी शिकायत करने से पैसा आगे जाने से पहले रोका जा सकता है।
  • बैंक ऐप में अपने कार्ड और UPI ब्लॉक करें, और बैंक को लिखित में बताएँ। अगर धोखाधड़ी आपकी गलती से नहीं हुई और आप तीन कार्य दिवसों में शिकायत करते हैं, तो आम तौर पर नुकसान आपको नहीं उठाना पड़ता।
  • स्क्रीनशॉट, फ़ोन नंबर और ट्रांज़ैक्शन ID संभालकर रखें।
  • फ़ीस लेकर पैसा वापस दिलाने का वादा करने वाले "रिकवरी एजेंट" से सावधान रहें। वही अगला स्कैम है।

अगर स्कैम का पैसा आपके खाते से गुज़रने की वजह से खाता फ़्रीज़ हो जाए, तो मेरी गाइड बैंक खाता फ़्रीज़ हो जाए तो क्या करें देखें।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

भारत में 2026 के नए स्कैम कौन से हैं?

सबसे आम नए स्कैम हैं: व्हाट्सऐप पर नकली शादी के निमंत्रण वाले ऐप, नकली सरकारी योजनाओं के डीपफ़ेक विज्ञापन, नकली अदालती सुनवाई वाले डिजिटल अरेस्ट कॉल, नकली ट्रेडिंग ऐप वाले व्हाट्सऐप स्टॉक-टिप ग्रुप, मनी म्यूल भर्ती करने वाली नकली नौकरियाँ, और कॉल मर्ज वाली OTP चाल।

क्या कोई सिर्फ़ एक फ़ाइल भेजकर मेरे पैसे निकाल सकता है?

सिर्फ़ तभी, जब आप उसे इंस्टॉल करें। .apk फ़ाइल एक ऐप होती है, और परमिशन के साथ इंस्टॉल होने पर वह आपके OTP पढ़कर भुगतान कर सकती है। ऐसी फ़ाइलें न खोलें, और "Install unknown apps" बंद रखें।

क्या डिजिटल अरेस्ट असली होता है?

नहीं। भारतीय कानून में डिजिटल अरेस्ट नहीं होता। असली पुलिस कभी वीडियो कॉल पर गिरफ़्तार नहीं करती और न ही पैसे भेजने को कहती है। फ़ोन काटें और 1930 पर कॉल करें।

कैसे जाँचें कि कोई सरकारी योजना असली है?

.gov.in पर खत्म होने वाली आधिकारिक विभाग की वेबसाइट पर उसे खोजें। असली योजना पैसे पाने के लिए कभी फ़ीस या UPI PIN नहीं माँगती।

मैंने कोई संदिग्ध ऐप इंस्टॉल कर लिया है। अब क्या करूँ?

मोबाइल डेटा और Wi-Fi बंद करें, UPI और कार्ड ब्लॉक कराने के लिए बैंक को कॉल करें, ऐप हटाएँ, किसी दूसरे डिवाइस से बैंकिंग पासवर्ड बदलें, और 1930 पर शिकायत करें।

लेखक , पुडुचेरी, भारत के बैंकिंग प्रोफेशनल। इस वेबसाइट पर व्यक्त विचार निजी हैं और किसी नियोक्ता या संस्था का प्रतिनिधित्व नहीं करते। यह सामग्री केवल सामान्य जागरूकता और शिक्षा के लिए है; यह वित्तीय या निवेश सलाह नहीं है।