म्यूल खाते: बैंक इन्हें AI से कैसे पकड़ते हैं, और अपना खाता कभी किराए पर क्यों न दें

म्यूल खाते: बैंक इन्हें AI से कैसे पकड़ते हैं, और अपना खाता कभी किराए पर क्यों न दें

"भाई, बस कुछ दिनों के लिए अपना बैंक खाता दे दे। पैसा आएगा, तू आगे भेज देना, और ₹5,000 तेरे।" ऐसे मैसेज कॉलेज ग्रुप, Telegram चैनल, Instagram और जॉब साइट पर घूम रहे हैं। आसान कमाई लगती है। असल में यह किसी आम इंसान के लिए फ़्रीज़ बैंक खाते, पुलिस नोटिस और आपराधिक मामले में फँसने का सबसे तेज़ रास्ता है।

एक बैंकर के तौर पर मैं इन ऑफ़र का दूसरा पहलू देखता हूँ। इस लेख में मैं आसान शब्दों में बताता हूँ कि म्यूल खाता क्या है, बैंक अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से इन्हें कैसे पकड़ते हैं, और आपको अपना खाता कभी किराए पर, बेचने या "उधार" देने के लिए क्यों नहीं देना चाहिए।

संक्षेप में: म्यूल खाता वह बैंक खाता है जिससे चोरी का पैसा आगे भेजा जाता है। अगर आप किसी को अपना खाता, कार्ड, UPI या SIM इस्तेमाल करने देते हैं, तो आप "मनी म्यूल" बन जाते हैं, और क़ानून आपको धोखाधड़ी का हिस्सा मान सकता है। बैंक अब ऐसे खातों को जल्दी पकड़ने के लिए RBI के MuleHunter.AI जैसे AI टूल इस्तेमाल करते हैं। किसी भी रकम के लिए अपना खाता किराए पर न दें।

म्यूल खाता क्या है?

जब ठग नकली निवेश, "डिजिटल अरेस्ट" कॉल या नकली नौकरी से किसी को ठगते हैं, तो वे चोरी का पैसा अपने खातों में नहीं रख सकते; तुरंत पकड़े जाएँगे। इसलिए निशान छिपाने के लिए वे उसे कई दूसरे लोगों के खातों से घुमाते हैं। इन बीच के खातों को म्यूल खाते और उनके मालिकों को मनी म्यूल कहा जाता है।

चोरी का पैसा म्यूल खातों से कैसे घूमता है और AI उन्हें कैसे पकड़ता है
चोरी का पैसा म्यूल खातों से कैसे घूमता है, और AI सिस्टम उसे कहाँ पकड़ता है।

लोग मनी म्यूल कैसे बनते हैं

  • "खाता किराए पर" ऑफ़र: आपका खाता "इस्तेमाल" करने के लिए हर महीने ₹2,000–₹10,000, अक्सर छात्रों, दिहाड़ी मज़दूरों और बेरोज़गारों को निशाना बनाकर।
  • नकली नौकरियाँ: "पेमेंट प्रोसेसिंग एजेंट" या "वर्क फ़्रॉम होम" नौकरियाँ, जिनमें आपका काम पैसा लेकर आगे भेजना होता है।
  • "फ़ालतू" खाता बेचना: लोग नया खाता खोलकर पासबुक, चेकबुक, डेबिट कार्ड, SIM और नेट बैंकिंग लॉगिन सौंप देते हैं, और फिर भूल जाते हैं।
  • गेमिंग और बेटिंग ग्रुप: "डिपॉज़िट के लिए अपना खाता दो, कमीशन कमाओ।"
  • अनजाने में: कभी-कभी ठग किसी के चोरी हुए या गलत इस्तेमाल किए KYC दस्तावेज़ों से खाते खोल लेते हैं। अपना आधार, PAN या फ़ोटो कभी अनजान लोगों को न दें।

बैंक AI से म्यूल खाते कैसे पकड़ते हैं

पहले बैंक तय नियम इस्तेमाल करते थे, जैसे "एक दिन में ₹X से ज़्यादा आए तो खाता चिह्नित करो"। ठगों ने ये नियम सीख लिए और इनसे बचने के रास्ते निकाल लिए। अब बैंक AI और मशीन लर्निंग इस्तेमाल करते हैं, जो हज़ारों पुराने मामलों से म्यूल खातों के पैटर्न सीखती है।

रिज़र्व बैंक इनोवेशन हब (RBI द्वारा स्थापित) ने MuleHunter.AI नाम का AI टूल बनाया, जो दिसंबर 2024 में शुरू हुआ और अब दो दर्जन से ज़्यादा बैंक इसे इस्तेमाल करते हैं। यह देखता है कि खाता कैसा व्यवहार करता है, जैसे:

  • महीनों से शांत खाते में अचानक अनजान लोगों से कई रकमें आने लगती हैं।
  • पैसा आता है और मिनटों में निकल जाता है ("पास-थ्रू" व्यवहार)।
  • अलग-अलग शहरों से कई छोटी रकमें, और फिर तुरंत ATM या UPI से निकासी।
  • खाते के लिए इस्तेमाल फ़ोन, डिवाइस या जगह ग्राहक के आम पैटर्न से मेल नहीं खाती।
  • खाता उन दूसरे खातों से जुड़ा है जिनकी पहले से धोखाधड़ी की शिकायत है।

जब AI किसी खाते को चिह्नित करता है, तो बैंक उसकी जाँच कर सकता है, लेनदेन सीमित कर सकता है और अधिकारियों को सूचित कर सकता है। सरकार का भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (I4C) भी बैंकों के साथ एक संदिग्ध रजिस्ट्री (सितंबर 2024 से) चलाता है, ताकि एक जगह मिला म्यूल खाता पूरे सिस्टम में चिह्नित हो सके। लाखों म्यूल खाते पहले ही फ़्रीज़ किए जा चुके हैं।

मनी म्यूल के साथ क्या होता है?

  • आपका खाता फ़्रीज़ हो जाता है, अक्सर आपकी अपनी सैलरी या बचत भी उसमें फँस जाती है।
  • पुलिस नोटिस, कभी-कभी उस दूसरे राज्य से जहाँ पीड़ित ने शिकायत की।
  • आपराधिक मामला। धोखाधड़ी का पैसा लेना और आगे भेजना धोखाधड़ी और साज़िश माना जा सकता है, और मनी लॉन्ड्रिंग क़ानून भी लग सकते हैं। "मैंने तो बस खाता दिया था" कोई बचाव नहीं है।
  • आपकी जानकारी सभी बैंकों में चिह्नित हो सकती है, जिससे बाद में खाता खोलना या लोन लेना मुश्किल हो जाता है।
  • ठग ग़ायब हो जाता है। खाता, लेनदेन और KYC सब आपके नाम पर हैं, इसलिए नतीजे आपको भुगतने पड़ते हैं।
ठग ₹5,000 का वादा तभी तक निभाते हैं जब तक पुलिस नहीं आती। उसके बाद हर लेनदेन की सफ़ाई उसी को देनी पड़ती है जिसने खाता "किराए" पर दिया था।

पहले ही किसी को खाता दे दिया है? अभी यह करें

  1. तुरंत रुकें। अब कोई पैसा न लें, न आगे भेजें।
  2. अपनी शाखा जाएँ और नेट बैंकिंग, UPI और डेबिट कार्ड ब्लॉक करने व पासवर्ड बदलने को कहें। अगर SIM किसी और के पास है, तो खाते से जुड़ा मोबाइल नंबर बदलवाएँ।
  3. जो हुआ, वह बैंक को ईमानदारी से बताएँ, और खाता लेने वाले व्यक्ति का ब्योरा दें।
  4. cybercrime.gov.in पर शिकायत करें या 1930 पर कॉल करें, और पावती रखें। जल्दी आगे आना आपकी नेकनीयती दिखाता है।
  5. नोटिस मिले तो क़ानूनी मदद लें। आपके ज़िला विधिक सेवा प्राधिकरण से मुफ़्त क़ानूनी सहायता मिलती है (15100 पर कॉल करें)।

अगर साइबर शिकायत की वजह से आपका खाता फ़्रीज़ हुआ है, तो मेरी कदम-दर-कदम गाइड पढ़ें: साइबर शिकायत के बाद बैंक खाता फ़्रीज़।

ख़ुद को और अपने परिवार को कैसे बचाएँ

  • अपना बैंक खाता, डेबिट कार्ड, चेकबुक, UPI, नेट बैंकिंग लॉगिन या SIM कभी किराए पर, बेचने या "उधार" न दें, दोस्तों को भी नहीं।
  • ऐसी कोई भी नौकरी नज़रअंदाज़ करें जिसमें आपका काम "पेमेंट लेना और आगे भेजना" हो।
  • "खाता खोलने" के लिए अनजान लोगों या एजेंटों को अपना आधार, PAN या फ़ोटो न दें।
  • जो खाते इस्तेमाल नहीं करते, उन्हें यूँ ही छोड़ने के बजाय बंद करा दें।
  • परिवार के नौजवानों से बात करें। ऐसे ऑफ़र के मुख्य निशाने छात्र ही हैं।

"आपका खाता इस्तेमाल करने" के लिए पैसे का ऑफ़र वाला मैसेज आया? उसे मुफ़्त स्कैम मैसेज चेकर में पेस्ट करें।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

आसान शब्दों में म्यूल खाता क्या है?

यह वह बैंक खाता है जिसमें ठग चोरी का पैसा लेते हैं और आगे भेजते हैं, ताकि पैसे का पता आसानी से न चले। खाता आमतौर पर किसी और का होता है जिसने उसे किराए पर दिया या बेचा, या जिसके दस्तावेज़ों का गलत इस्तेमाल हुआ।

क्या अपना बैंक खाता किराए पर देना गैरकानूनी है?

दूसरों को अपने खाते से ऐसा पैसा घुमाने देना जो बाद में धोखाधड़ी का निकले, आपको अपराध का हिस्सा बना सकता है, और आपको आपराधिक मामला, फ़्रीज़ खाता और पुलिस कार्रवाई झेलनी पड़ सकती है। बैंक भी अपना खाता दूसरों को सौंपने की मनाही करते हैं।

MuleHunter.AI क्या है?

यह रिज़र्व बैंक इनोवेशन हब (RBIH) का बनाया आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस टूल है, जो लेनदेन और खाते के व्यवहार का अध्ययन करके बैंकों को म्यूल खाते पकड़ने में मदद करता है। कई भारतीय बैंक इसे इस्तेमाल करते हैं।

मेरा खाता म्यूल खाता मानकर फ़्रीज़ हुआ, पर मैंने कुछ गलत नहीं किया। क्या करूँ?

अपनी शाखा जाएँ, होल्ड का ब्योरा लिखित में माँगें, और अपने जायज़ लेनदेन का सबूत दें। बैंक से कहें कि सरकार के साइबर क्राइम शिकायत मॉड्यूल पर आपकी शिकायत दर्ज करे। मेरी फ़्रीज़ खातों वाली गाइड देखें।

स्रोत

यह लेख आसान भाषा में सामान्य जानकारी देता है। यह क़ानूनी सलाह नहीं है। अगर आपको नोटिस मिला है या खाता फ़्रीज़ है, तो अपने बैंक से और ज़रूरत हो तो विधिक सेवा प्राधिकरण से संपर्क करें।

लेखक , पुडुचेरी, भारत के बैंकिंग प्रोफेशनल। इस वेबसाइट पर व्यक्त विचार निजी हैं और किसी नियोक्ता या संस्था का प्रतिनिधित्व नहीं करते। यह सामग्री केवल सामान्य जागरूकता और शिक्षा के लिए है; यह वित्तीय या निवेश सलाह नहीं है।